Saturday, June 4, 2011

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Wednesday, May 18, 2011

मेहनत बनाम कामचोरी


एक पुरानी प्रसिद्ध कहानी :-

एक चीटी एक टिड्डे की कहानी विश्वस्तरीय लोकप्रिय कहानियों मे से एक है।

चीटीं बहुत मेहनती थी, वह हमेशा अपने काम मे लगी रहती थी, जब कि टिड्डा दिन भर मस्ती करता रहता था। चीटी अक्सर उसे समझाती की हमेशा मौज मस्ती मे डुबे रहना अच्छा नही है। कुछ ही दिनों के बाद सर्दियों का मौसम आने बाला था। चीटी अथक मेहनत कर सर्दियों के आने से पहले एक घर बना लेना चाह रही थी और पर्याप्त भोजन जमा कर रख लेना चाह रही थी, इसके विपरीत टिड्डा आने वालीसर्दी के मौसम से बेखबर दिन भर मौज मस्ती मे लगा रहा।

कुछ दिनों के बाद सर्दी आ गयी , चीटीं अपने घर मे निश्चिंत आराम कर रही थी पर टिड्डा बाहर जाड़े मे ठिठुरते हुए भुख से व्याकुल होकर मर गया।

इसी कहानी को हम आज के भारतीय परिपेक्ष मे देखें:-

र्दी के मौसम आते ही टिड्डा ठंड से कांप रहा था। उसे एक आईडिया सुझा , उसने एक प्रेस कांफ्रेंस बुलाया और अपने आपको ठंड से ठिठुरते और चींटी को अपने घर में चैन से आराम करते हुए और उसके भोजन सामाग्री से भरे डाईनिंग टेबुल को दिखाया।

BBC, CNN, NDTV, AAJTAK चैनेल वालों ने यह समाचार प्रमुखता टिड्डे को से ठंड से ठिठुरते और चींटी को किसने अपने घर में चैन से आराम करते हुए और उसके भोजन सामाग्री से भरे डाईनिंग टेबुल को दिखाया।

विश्व राष्ट्र संघ , और विश्व स्वास्थ्य संघ यह विचित्र विरोधाभाष देखकर दंग रह गयी। क्यों इस गरीब टिड्डे को इस भयंकर सर्दी में ठंड से ठिठुरते हुए छोड़ दिया गया।

मेघा पाटकर दौड़ी आई और अन्य टिड्डों के साथ आमरण अनसन पर बैठ गयी , सदियों के मौसम मे टिड्डों को अपेक्षाकृत गर्म स्थान मे रहने और भोजन का उचित प्रबंध किया जायेअरुधंती राय चींटी के

घर के सामने प्रदर्शन करने आई,

मायावती ने टिड्डे को दलित मानते हुए इसे उनके साथ घोर अन्याय माना।

Amnesty International and विश्व राष्ट्र संघ के अध्यक्ष Koffi Annan ने भारत सरकार से ,टिड्डे के मौलिक अधिकारों के हनन का मामला उठाया।

इन्टरनेट (INTERNET) के सोशल साईट्स टिड्डे के समर्थन मेbh, vishvऔर विश्व के अनेक देशों से सहानुभूति के साथ साथ मदद का आँफर आने लगा। लोग टिड्डे के प्रति इस अन्याय के लिए ईश्वर को दोष देने लगे।

विरोधी दल के नेता ससंद का वहिष्कार किए, CPM , CPI आदि वाम दलों ने भारत बंद का आह्वान कर दिया।

पश्चिम बंगाल और केरल में CPM ने नया अध्यादेश लाया जिसमे चींटीं को गर्मी के दिनों मे अधिक परिश्रम करने पर रोक लगा दिया गया ताकि वे ज्यादा नहीं कमा सकें और चीटी और टिड्डे के बीच ज्यादा अन्तर न रह जाये।

ममता बनर्जी ने अधिकांश ट्रेनों में एक स्पेशल कोच टिड्डा रथ के नाम से जोड़ा गया जिसमे टिड्डे को मामुली भाड़े पर भारत भ्रमण की सुविधा दी गयी।

अन्त मे भारत सरकार ने द्वारा एक न्यायिक जाँच आयोग की स्थापना की गई जिसने एक नया एक्ट PREVEN PPrevention of Terrorism against Tidda Act” POTATA की रुपरेखा बनाकर सरकार को दिया जिसे सर्दियों के मौसम के आने से पहले SEसे ही लागु मान लिया गया।

शिक्षा संस्थाओं मे, माननीय मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल के द्वारा टिड्डों के लिए अतिरिक्त आरक्षण का अनुसंशा किया गया।

भारत सरकार और विभिन्न राज्य सरकारों के द्वारा सरकारी नौकरियों टिड्डों के लिए विशेष आरक्षण की व्य्वस्था किया गया।

सरकार के द्वारा मेहनती चीटी पर POTATA एक्ट के तह्त कई प्रकार के टैक्स गला दिया गया, उसके घर को जब्त कर NDTV आदि मिडिया कर्मियों के सामने ,टिड्डों को दे दिया गया।

मेधा पाटकर ने इसे A Triumph of Justice' कहा ।

लालु यादव ने इसे सामाजिक न्याय कहा ।

CPM ,CPI ने इसे दबे कुचलों का क्रान्तिकारी जीत बताया ।

मेहनती चीटीं हारकर अमेरिका चली गई , अमेरिकी सरकार चीटीयों के मेहनत से प्रभावित होकर आसान शर्तों पर वीसा दे दिया, ये चीटीयाँ वहाँ सिलीकन वैली मे करोड़ों डालर की कम्पनियाँ बना ली।

और टिड्डा आज भी सरकारी सहायतों का मुँहताज बना हुआ है। सैकड़ों की संख्या मे टिड्डे आज भी मर रहें हैं। सरकारी विभाग आलसी टिड्डों से भर गये। बिना मेहनत किए उन्हें सब पाने की आदत जो हो गई है।

मेहनतकश चीटीयों अपने मेहनत का इस तरह अपमान और हजारों प्रकार के सरकारी टैक्सों के द्वारा लुटने के भय से बड़े पैमाने पर दुसरे देश चले गये या विभिन्न बड़े उद्योगपतियों के द्वारा उँची तनख्वाह पर ले लिए गये।

और हमारा भारत देश आज भी विकाशशील बना हुआ है।

Sunday, April 24, 2011


ओम सांई राम

आज का दिन काफी पीड़ादायक है। अध्यात्म की दुनिया का सबसे दिव्य ज्योति , दैवीय गुणों से परिपुर्ण परम पुज्य सांई बाबा के अवतार सत्य सांई बाबा का देहावसान आज प्रात:काल 7:40 पर (24/04/2011) हो गया। वर्ष का सबसे दुख:द घटना , बाबा के करोड़ो भक्त आज बिल्कुल असहाय महशुस कर रहे हैं। मैं भी बाबा को अश्रुपुर्ण नेत्रों से श्रद्धाँजलि अर्पित करता हूँ । बाबा ने सिर्फ शरीर त्यागा है। उनकी आत्मा दुनिया भर के करोड़ो भक्तो के दिलों मे ज्योति बनकर जलती रहेगी।

23 नवम्बर 1926 आन्ध्रप्रदेश के पुट्टापर्ती नामक एक छोटे से गांव मे इस दैवीय शक्ति ने शरीर धारण किया था।

मात्र 14 वर्ष (23 मई1940) की उम्र मे ईश्वर से साक्षात्कार और सांई बाबा के अवतार होने का अहसास हो गया था।

उनके चमत्कारों पर लोगों ने , मिडिया वालों ने भी व्यंग्यपूर्ण टिप्पणियाँ की थी, , पर बाबा के भक्तों की संख्या निरन्तर बढती गयी। उनके विरोधियों ने उनके चमत्कारों का मजाक उड़ाया था ,परन्तु उनके अन्दर का महामानव , गरीबों के प्रति ,मानवता के प्रति उनका लगाव, विरोधियों से भी प्रेम का भाव आदि गुणों के कारण ही पूरा विश्व उन्हें ईश्वर का अवतार मान लिया।

166 देशों में फैले उनके भक्त में आज शोक की लहर फैल गई है। लोग यह विश्वास ही नहीं कर पा रहें कि उनका सांई अब उनके बीच नहीं है।

उनके भक्तों मे आम आदमी से लेकर बड़े राजनितिक, खिलाड़ी , , पत्रकार , विद्वान , बड़े वैज्ञानिक , ,,,,,, समाज के गणमान्य लोग सभी रहें है।

एक समय मैं अज्ञानी , , टी वी मे आने वाले उनके चमत्कारों का मजाक उडाने बाले प्रोगामों को देखकर उनपर अविश्वास कर बैठा था। इसका मुझे अत्यधिक अफसोस है। बाबा मुझे माफ करेगें यह मेरा विश्वास है।

बाबा को मेरा शत शत नमन्।

Saturday, April 23, 2011


What a TAX JUGGLERY

Must Read

1) Qus.: What are you doing?
Ans.: Business.
Tax : PAY PROFESSIONAL TAX

2) Qus.: What are you doing in Business?
Ans.: Selling the Goods .
Tax : PAY SALES TAX

3) Qus.: From where are you getting Goods?
Ans.: From other State/Abroad
Tax : PAY CENTRAL SALES TAX, CUSTOM DUTY & OCTROI

4) Qus.: What are you getting in Selling Goods?
Ans.: Profit.
Tax : PAY INCOME TAX

5) Qus.: How do you distribute profit ?
Ans : By way of dividend
Tax : PAY DIVIDEND DISTRIBUTION TAX

6) Qus.: Where you Manufacturing the Goods?
Ans.: Factory.
Tax : PAY EXCISE DUTY

8) Qus.: Do you have Staff?
Ans.: Yes
Tax: PAY STAFF PROFESSIONAL TAX

9) Qus.: Doing business in Millions?
Ans.: Yes
Tax : PAY TURNOVER TAX ?
Ans : No
Tax : Then pay Minimum Alternate Tax

10) Qus.: Are you taking out over 25,000 Cash from Bank?
Ans.: Yes, for Salary.
Tax : PAY CASH HANDLING TAX

11) Qus.: Where are you taking your client for Lunch & Dinner?
Ans.: Hotel
Tax : PAY FOOD & ENTERTAINMENT TAX

12) Qus.: Are you going Out of Station for Business?
Ans.: Yes
Tax : PAY FRINGE BENEFIT TAX

13) Qus.: Have you taken or given any Service/s?
Ans.: Yes
Tax : PAY SERVICE TAX

14) Qus.: How come you got such a Big Amount?
Ans.: Gift on birthday.
Tax : PAY GIFT TAX

15) Qus.: Do you have any Wealth?
Ans.: Yes
Tax : PAY WEALTH TAX

16) Qus.: To reduce Tension, for entertainment, where are you going?
Ans.: Cinema or Resort.
Tax : PAY ENTERTAINMENT TAX

17) Qus.: Have you purchased House?
Ans.: Yes
Tax : PAY STAMP DUTY & REGISTRATION FEE

18) Qus.: How you Travel?
Ans.: Bus
Tax : PAY SURCHARGE

19) Qus.: Any Additional Tax?
Ans.: Yes
Tax : PAY EDUCATIONAL, ADDITIONAL EDUCATIONAL &
SURCHARGE ON ALL THE CENTRAL GOVT.'s TAX !!!

20) Qus.: Delayed any time Paying Any Tax?
Ans.: Yes
Tax : PAY INTEREST & PENALTY

21) INDIAN : Can I die now??
Ans : No, wait we are about to launch the FUNERAL TAX

Wednesday, April 6, 2011

ललपनिया की होली 2011













इन्हे पहचानो तो जाने



ललपनिया की होली 2011

ललपनिया मे हुई जम कर बर्फवारी




यह शीशे के टुकडे या नमक के ढेले नही 90 मिनट पहले हुई बर्फवारी के बर्फ के टुकडे हैं

ललपनिया मे हुई जम कर बर्फवारी आज 05/05/2011 को लगभग 3 बजे अपराह्न जमकर बर्फवारी हुई। आधा किलो से भी बडे आकार का बर्फ के टुकडे धरती पर गिर कर छोटे छोटे टुकडों में बिखर जाते थे। मैने अपने जीवन में ईतनी जबरदस्त बर्फवारी नहीं देखी थी। तेनुघाट डैम में बहुत सारे पक्षी मर गये।खेत मे लगे फसल लगभग बर्बाद हो गये। ललपनिया के पूर्व तुलबुल में या पश्चिम महुआटांड मे बर्फ गिरने का नामोनिशान नहीं था। प्लांट के अन्दर तीन से चार इंच मोटी बर्फ की चादर बन गई थी। करीब चार बजे प्लांट मुख्य गेट पर अपने मोबाईल से कुछ फोटो लिया था।
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Wednesday, March 9, 2011

क्या आप बीमा पालिशी लेने जा रहें है

क्या आप बीमा पालिशी लेने जा रहें है?, क्या आप बीमा एजेटों के रोज रोज के आग्रह और उनके लुभाबने पालिशी स्कीमों से प्रभावित हो गये हैं, तो कृपया इस आलेख को अवश्य पढे।
आपको सबसे पहले यह निश्चित करना होगा कि आप बीमा लेना चाहते हैं या निवेश करना। अधिकांश व्यक्ति बीमा को बीमा कम निवेश के रुप मे ज्यादा लेते हैं, यहीं आप गलती कर जाते हैं। बीमा और निवेश को अलग अलग नजरिये से देखें। बीमा कम्पनी आपके निवेश पर कभी अच्छा रिर्टन नहीं दे सकती है क्यों कि बीमा कंपनी आपके प्रिमियम पर अच्छा कमीसन बीमा एजेंटों को दे देती है। बीमा को आग्रह की वस्तु माना गया है जिसे आप खरीदते है। आपके द्वारा दिया गया प्रिमियम का एक अच्छा हिस्सा अभिकर्ता के कमीसन मे दिया जाता है।
आइये देखें एक LIC एजेंट को कितना कमीसन दिया जाता है, यही कमीसन लगभग सभी प्राईवेट कम्पनियाँ भी देती है।
साधारण ईन्डोन्मेंट पालिशी :- प्रथम वर्ष के प्रिमियम पर---25%+10% = 35%
द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के प्रिमियम पर—7.5%
चौथे वर्ष के बाद के सभी के प्रिमियम पर – 5%
LIC जहाँ बीमा लेने बाले को बीमा राशि पर बोनस देती है वहीं एजेंटों को प्रिमीयम की राशि पर कमीसन देती है। परिपक्वता पर आपको मिलने बाली राशि का गणना करेगें तो आप पायेंगे कि मात्र 3-3.5% का ही रीटर्न आपको मिला है जब कि बीमा एजेंट काफी बड़ा भाग करीब 5 -6% बिना कोई खर्च के ले जाता है।
आइये अब देखें मनी बैक पालिसी का गोरखधधां : एक उदाहरण लेते हैं
उम्र- 35 वर्ष – बीमा अवधि -20 वर्ष बीमा राशि -1,00,000/- टेबुल/टर्म -75-20
प्रिमियम- (त्रैमासिक) –1717रुपये मात्र्।
बीमा राशि एक लाख के लिए आप जमा करेगें 1717 x4x 20 = 137360.00 rरुपये यानी पूरे 37360 रुपये ज्यादा अर्थात प्रत्येक साल आप 1868 रुपये ज्यादा देते हैं
आपको इसके बदले मे मिलता है प्रत्येक 5 साल के बाद 20,000/- रुपये यानी 5 साल के बाद मिलने बाली राशि के बदले आपसे शुरु से ही 9% से भी ज्यादा व्याज लिया जाता है।
आपसे लिया जाता है 137360 रुपये परन्तु बोनस दिया जाता है मात्र एक लाख पर ,और एजेंट साहब कमीसन पाते हैं पूरे जमा राशि पर।
कितना कमीसन दिया जाता है:- प्रथम साल- 21% - (1717x4)x21% = 1442.28
दुसरे और तीसरे साल -10%- (1717x4)x10% = 686.80 prat
चौथे साल से बीसवें साल तक 6% - (1717x4)x6%= 412.08
आजकल युनिट लिन्क्ड बीमा प्लान (ULIP) के बारे मे काफी चर्चा हो रही है। तरह तरह के इक्विटी लिन्कड प्लान के बारे मे तरह तरह के प्रचार आते रहते हैं । एजेंट इस युलिप स्कीम को काफी आकर्षक नाम और लाभ के साथ समझाते हैं। कुछ दिन पहले एक बीमा कम्पनी का हैंडबील देखने को मिला , 5 वर्ष मे दुगने से भी ज्यादा का रिटर्न समझाया गया था।
यहाँ यह बताना आवश्यक है कि ULIP का रिटर्न शेयर बाजार के चाल पर निर्भर होता है, और उसकी भविष्यवाणी असंभव है। ULIP लेते समय निम्न बिन्दुओं पर अवश्य ध्यान देन चाहिए।
1) बीमा कम्पनी आपके प्रथम वर्ष के प्रिमियम का कितना प्रतिशत राशि इक्विटी में निवेश कर रही है। कुछ स्कीम में बीमा कम्पनी मात्र 60-70 प्रतिशत राशि ही निवेश करती है बाकी अपने खर्चों के लिए काट लेती है। कुछ स्कीम में 90-98 प्रतिशत तक निवेश करती है, पर इस स्कीम में एजेंट साहब को न्युनतम कमीसन मिलता है जिसके कारण बीमा एजेंट इस स्कीम के बारे में बताते ही नहीं हैं।
2) इसी तरह दुसरे और तीसरे साल और उसके बाद के वर्षों में भी कितनी प्रतिशत राशि इक्विटी में निवेश कर रही है।
3) निवेश से कितनी राशि बीमा के लिए (Mortality Charges + Charges for different rider benefitsकाटी जा रही है। बीमा एजेंट बिना पुछे कई प्रकार के राईडर बेनेफीट को जोड़ देते हैं। आप अपनी जरुरत के अनुसार ही राईडर बेनेफीट लें।
4) आपके बीमा कम्पनी की चल रही विभिन्न ULIP प्लान पर क्या रिटर्न आ रहा है। फंड मैनेजर कौन है। फंड मैनेजर का पुराना अनुभव और रिकार्ड कैसा है।
5) किस तरह का ULIP प्लान आप ले रहें है –Diversified, Specific sector fund, Balance fund, liquid Fund, Gilt Fund etc. बीमा निवेश लम्बे समय के लिए होता है अत: आप डायवर्सिफाईड फंड ही लें, शेयर बाजार में कभी फार्मा सेक्टर लीड करता है तो कभी IT सेक्टर यानी कोई एक सेक्टर हमेशा आगे नहीं रहता है।
तब क्या बीमा नहीं लिया जाये…………… नहीं बीमा अवश्य ही लेना चाहिये।
आप कितनी राशि का बीमा लेते हैं दो लाख, तीन लाख का, इससे क्या होगा, ईश्वर न करे , यदि आप न रहेगें तो यह दो या तीन लाख रुपये तो एक दो साल मे ही खत्म हो जायेगें तब इस छोटी सी राशि मे पारिवारिक सुरक्षा कैसे प्राप्त होगी। अधिक से अधिक 5 लाख का बीमा आप लेगें इसमे करीब 40,000/- वार्षिक का प्रिमियम आयेगा,परन्तु जब आप टर्म ईन्सुरेन्स (शुद्ध बीमा) तब आपको मात्र 1000/- से भी कम प्रिमियम लगता है, शेष 39,000/- रुपये आप अपनी मर्जी से निवेश कर सकते है। बैंक में भी फिक्सड करने पर आपको 8% से 10% तक व्याज मिलता है।
आप कम से कम कम 20-30 लाख अधिक का bIm बीमा अवश्य लें । ताकि किसी अन्होनी घटना के होने पर इतनी राशी अवश्य मिले जिससे आपके परिवार की गाड़ी बिना किसी व्यवधान के चल सके्। बच्चों की शिक्षा में कोई रुकावट नहो। बीमा कम्पनियां बहुत कम पैसे मे टर्म बीमा देती है। और इसमे भी राईडर बेनेफीट , दुर्घटना बीमा आदि सुविधाऐं उपलब्ध है।
हमलोग अपने कार का बीमा मे 10-12 हजार रुपये वार्षिक खर्च कर देते है और रिटर्न मे क्या पाते हैं? सिर्फ इसिलिए कि उसमे कानुनी वाध्यता है।

Thursday, January 20, 2011

“ढेर जोगी मठ उजाड़”


ढेर जोगी मठ उजाड़

ढेर जोगी मठ उजाड़ यह बहुत ही पुरानी कहाबत है। पर है बिल्कुल सत्य , देखिए हमारा केन्द्रीय मंत्रिमण्डल जिसमे भारत के अच्छे और तथाकथित सर्वाधिक विद्वान प्रधानमंत्री श्री मनमोहन, गृह मंत्री श्री पी चिदम्बरम , वित्त मंत्री प्रनव मुखर्जी आदि आदि पर भारत के नागरिक विश्व के सबसे अधिक मंहग़ाई से त्रस्त हैं। सभी किताबी ज्ञान के जानकार, वातानुकुलित कमरे मे हाय फाय

विद्यार्थियों के बीच अर्थव्यवस्था पर , ईकोनोमी पर लम्बी चौड़ी भाषण देने बाले ये नेतागण वास्तविकता की स्थिति मे चारों खाने चित्त हो जाते है। दुनिया के किसी भी देश में इतनी मंहगाई नहीं है क्यों कि दुनिया के किसी भी देश मे इतने विद्वान मंत्री नहीं है।

2009 मे अचानक चीनी की कीमत बढ जाती है और पुरे देश मे बेचारे छोटे छोटे खुदरा

व्यापारियों के यहाँ छापे डाले गये परन्तु नासिक या महाराष्ट्र के चीनी मिलों को क्लीन चिट दे दी गई पुन: दो तीन महीने मे ही चीनी के दाम मे गिरावट आ गई और इन दो तीन महीने मे हमारे माननीय कृषि मंत्री जी का चीनी मिल करोड़ों बना लिए और जनता तो सोनिया जी कठ्पुतली प्रधानमंत्री जी के वायो-डाटा देखकर मंत्र्मुग्ध होने लगी।

2010 मे प्याज के दाम चीनी और दाल के दाम मे उछाल को को चिढाते हुए आजतक के सबसे ऊँचे पायदान पर पहुँच गया। हमारे कृषि मंत्री कहते हैं कि मौसम के खराबी के कारण प्याज की उपज कम हुई, तब आपके कृषि उपज, आदि का आकलन करने वाले सो रहे थे क्या, और यदि उपज के कम की आशंका थी तो प्याज को अक्टुवर महीने तक निर्यात क्यों किया गया, चुकिं सबसे अधिक प्याज नासिक से आता है और उनके व्यापारी माननीय शरद पवार जी के प्रिय हैं, तो उनके लिए इतना तो किया ही जा सकता है।

याद कीजिये 1990 का दशक , नरसिंहा राव जी के मंत्रीमंडल मे मनमोहन सिंह जी को वित्त मंत्री बनाया गया था। भारत के aअर्थव्यवस्था को U टर्न दे दिया गया बिना इसका परिणाम के आकलन किए, इसका अंजाम हुआ कि ढेर सारे प्लांटेशन कम्पनियों को लाइसेन्स दे दिया गया, अनेको गैर बैकिंग वित्तीय कम्पनियाँ (NBFC) कुकुरमुत्ते जैसे पुरे भारत मे छा गये, उनके उपर कोई कड़े नियम परिनियम और कानुन के अभाव में भारत की मेहनतकश गरीब पब्लिक का लाखों करोड़ रुपये ये लोग डकार लिए और निरीह जनता अपने पैसे को लुटते देखते रही। JVG, आदि कन्पनियाँ उसी दौर मे थी। यानी वित्त मंत्री ने आम जनता को उन जालसाजों के हाथों लुटने के लिए ही खुली, पर बिना ब्रेक के अर्थव्यव्स्था लागु की थी।

इस बार वे प्रधानमंत्री है और फिर आम जनता को लुटने के लिए बाजार को बिना

किसी ब्रेक के खुली छुट दे दी है, मंहगाई तो बढेगी ही। गरीबों के लिए अति आवश्यक सामानों के लिए भी वायदा व्यापार , कमोडिटी मार्केट को खोल दिया गया है, इसका असर कुछ दिन पहले हुआ था, देखते ही देखते हल्दी की कीमत 40-50 रुपये से बढ कर 200 रुपये किलो हो गई थी।

दरअसल श्री मनमोहन सिंह बिना चुनाव लड़े ही वित्त मंत्री और प्रधान मंत्री बन गये कांग्रेस कि सुप्रिमो के रहमोकरम पर तब वे तो सिर्फ अपने आका के लिए ही काम करगें आम जनता ने तो उन्हें MP भी नहीं बनाया तो आम जनता से उन्हें क्या मतलब्।

शरद पवार जी सिर्फ महाराष्ट्र के ही हैं अत: वे सिर्फ महाराष्ट्र के व्यापारियों और किसानों के हित का ही सोचते हैं और उससे समय मिलता है तो क्रिकेट में समय देते हैं। अरबपति हैं मात्र 50-100 रुपये प्रतिदिन कमाने बाली जनता भी उन्हें अमीर लगती हैं। अमेरिका मे पढे लिखे ये अर्थशास्त्री आज अमेरिका की भाषा बोलने लगे कि विकाशशील देशों के गरीब ज्यादा खाने लगे हैं जिससे दुनिया में खाध्यान्न की कमी हो गई है।

Tuesday, December 7, 2010

New claim on 2G spectrum

PRESS RELEASE OF DR.SUBRAMANIAN SWAMY IN 2010
Read the original letter and the detailed adjoinder at the following source:
Source:
Dr. Manmohan Singh,
Prime Minister of India,
South Block,
New Delhi.

Dear Prime Minister:

You may by now have realized that the 2G Spectrum scandal is not only bad for the country in the dimension of corruption, but now it emerges that there is a national security dimension too. The RAW, IB, CBI, ED all have enough material which they may have placed before you regarding the dubious aspects of the principal player in this scam.

According to my information two sisters, Anushka and Nadia, of Ms Sonia Gandhi had received sixty percent of the kickbacks in this deal i.e. Rs.18,000 crores each. The frequent travel of Sonia Gandhi and her immediate family to Malaysia, Hongkong, Dubai and parts of Europe including London requires to be probed under t
he law. What requires your special attention is the mode of the travel, not by commercial airliners, but by jets provided by t
he corporate sector which itself is illegal under the DGCA Rules. I find that often Ms.Sonia Gandhi and family have traveled to Dubai and then traveled onwards on private jets provided by dubious Arab business interests to Europe. It is not clear on what passport they have traveled. In Dubai they were felicitated by agencies of countries which are hostile to India including that of Pakistan.

You can no more not take a stand when evil is permeating in the country in the form of terrorism, religious conversion and demographic infiltration. The ill-gotten money in billions of dollars equivalent, the money laundering and Participatory Notes have all undermined our national integrity. The time is come for you to take a stand.
I am familiar with the information and data with our intelligent agencies. I also know that you can seek cooperation of other countries especially the United States in pooling information especially from inter Intelligence interaction that take place regularly. I hope therefore you will rise to the need of the hour and take effective steps to set right the sorry state of affairs in the country caused by overtly and covertly resident foreigners. In this connection I would like to meet you at the earliest. My Secretary will be in touch with your Secretariat to fix a time.
Yours sincerely,
(SUBRAMANIAN SWAMY)